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अंतरिक्ष में भी है कब्रिस्तान अंतरिक्ष को लेकर बड़ा खुलासा जानिए पूरी खबर…

जब आपको या बात पता चलेगी कि आकाशगंगा में भी कब्रिस्तान मौजूद है तो आप हैरान हो जाएंगे और जब हम क्या कहेंगे की तारे मरते भी हैं और उनका अवशेष कब्रिस्तान में जमा हो जाता है शोधकर्ताओं के कुछ परीक्षण ने ऐसा कुछ खुलासा किया जिस को जानने के बाद आप हैरान हो जाएंगे । अगर ये कहा जाए कि आकाशगंगा (Milky Way) एक बहुत बड़ा कब्रिस्तान है, तो आश्चर्य मत करिएगा. यहां तारे पैदा होते हैं, जलते हैं और मर जाते हैं, लेकिन वे पूरी तरह कभी खत्म नहीं होते. आकाशगंगा उन सभी मृत तारों के अवशेष को ढो रही है.

 

आकाशगंगा में बड़े तारे जो अरबों साल पहले मर गए थे, वो सुपरनोवा (Supernova) बन गए और दो तरह की चीजों में बदल गए. विस्फोट के बल से उनकी बाहरी परतें नष्ट हो गईं और जो कोर बचे थे, वे या तो बेहद छोटे न्यूट्रॉन (Neutron) तारे बन गए या ढहकर ब्लैक होल (Black Hole) बन गए. वैज्ञानिकों ने इन प्राचीन तारों के अवशेषों को ‘गैलेक्टिक अंडरवर्ल्ड’ (Galactic Underworld) नाम दिया है.

 

सुपरनोवा बहुत तेज़ ऊर्जा के साथ विस्फोट करते हैं जो धूल और गैस की गति को लाखों मील प्रति घंटे तक बढ़ा सकते हैं. यहां ऊर्जा की उच्च या निम्न मात्रा का पता करना बहुत मुश्किल है. शोधकर्ताओं ने पाया कि सभी न्यूट्रॉन तारों को आकाशगंगा से बाहर निकाला जा सकता था. ब्लैक होल, रग ब्लैक होल (rogue black holes) के तौर पर भी अंतरिक्ष से बाहर जा सकते हैं. उनके लिए किसी अनजान जगह पर जाना असंभव नहीं है.

 

डेविड स्वीनी का कहना है ‘अब जब हम ये जानते हैं कि हमें कहां देखना है, तो हम इन चीजों को खोजने के लिए तकनीकी विकास कर रहे हैं. मैं शर्त लगा रहा हूं कि ‘गेलेक्टिक अंडरवर्ल्ड’ बहुत ज्यादा समय तक रहस्य नहीं रहेगा.’

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