झारखंड की खबरे

JVM और CONGRESS के वर्चस्व की लड़ाई.. दिख रही है आपसी कलह , तिमिलाई दीपिका पांडे सिंह  और डैमेज कंट्रोल करते नजर आए प्रदीप यादव, पढ़िए इंसाइड स्टोरी

झारखण्ड में कांग्रेस जेएमएम और आरजेडी के गठबंधन की सरकार है l और सरकार को अब 2 साल पूरे होने को है l  तीनों की तीनों पार्टियां सरकार में शामिल है वह अपने अपने दल को पूरे प्रदेश में मजबूत करने की बात है लगातार कह रही हैं l अभी हाल में कुछ दिनों पहले ही आरजेडी के मजबूती करण के लिए झारखंड में नेता प्रतिपक्ष बिहार विधानसभा से तेजस्वी यादव पहुंचे थे l और झारखंड कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह के निर्देशानुसार झारखंड के 24 जिलों में कांग्रेस भी अपने पांव मजबूती से पधारने के लिए लगातार कार्यकर्ता सम्मेलन कर रही है l

इसी बाबत गोड्डा जिला के एक निजी होटल में गोड्डा जिला इकाई कांग्रेस के द्वारा कार्यकर्ता सम्मेलन रखा गया था l

मौके पर महागामा विधानसभा से कांग्रेस की विधायक दीपिका पांडे सिंह और पोड़ैयाहाट से वर्तमान विधायक प्रदीप यादव और महागामा से ही पूर्व विधायक कांग्रेसी राजेश रंजन भी मौके पर मौजूद थे l शुरुआती दौर में तो यह एक आम कार्यकर्ता सम्मेलन के तरह से ही संचालित हो रहा था लेकिन तभी एक कार्यकर्ता ने कुछ ऐसा कह दिया जिससे कि भारी बवाल मच गया l प्रदीप यादव और दीपिका पांडे सिंह के खेमे से एक दूसरे पर सवाल आरोप प्रत्यारोप लगने शुरू हो गए l और यह कहना गलत नहीं होगा कि थोड़ी देर पहले जो संगठन मजबूती की बात कर रहा था वह आपसी विवाद में लड़ पड़ा l

क्या था मामला

यह जगजाहिर है कि जेबीएम के भाजपा में विलय होने के बाद बाबूलाल मरांडी भाजपा में चले गए और बाकी के दोनों विधायक की यानि प्रदीप यादव और बंधु तिर्की कांग्रेस में शामिल हो गए l एक तरफ जहां बंधु तिर्की को कार्यकारी अध्यक्ष जैसा पद मिला वहीं दूसरी ओर पढ़ाई आहट विधानसभा से विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रदीप जी यादव को सिर्फ एक विधायक की हैसियत से अभी तक कांग्रेस में शामिल किया गया जो कि पूर्णता शामिल होना नहीं कहलाएगा l

निजी होटल के सभागार में जब मंच संचालन कर रहे जिला गोंडा के कांग्रेस जिला अध्यक्ष एक एक कर सभी कार्यकर्ताओं को अपने मन की बात कहने को कहीं तो उसी में रिजवान नामक एक कार्यकर्ता ने भरी सभा में यह कह डाला कि जिस तरीके की संगठन मजबूती जेवीएम में हुआ करती थी वह कांग्रेस में भी  नहीं है l

इतना सुनना था कि महागामा से विधायक दीपिका पांडे सिंह आग बबूला हो उठीं और उन्होंने तिलमिलाते हुए रिजवान को चुप रहने की सलाह देते हुए नजर आई l महागामा विधायक को इस तरह आक्रोशित देख कांग्रेस जिला अध्यक्ष दिनेश यादव ने रिजवान के हाथों से माइक छीना और उन्हें मंच से नीचे उतरने को कहा l

मौके पर मौजूद कार्यकर्ता दो खेमे में बैठ गए और लगातार एक दूसरे के खिलाफ जिंदाबाद के नारे लगाने लगे l

बाद में मामले को शांत करने के लिए पढ़ाई आहट से विधायक प्रदीप यादव ने कई बार कांग्रेस जिंदाबाद सोनिया गांधी जिंदाबाद राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाए जिसके बाद उग्र कांग्रेसी कार्यकर्ता शांत हुए l

क्या कहते हैं प्रदीप यादव और दीपिका पांडे सिंह

इस मामले में जब हमने महागामा विधान दीपिका पांडे सिंह से सवाल किया कि क्या कांग्रेस और जेवीएम में अभी भी आप से रिश्ते अच्छे नहीं हैं तो उनका जवाब था

कांग्रेस एक समुद्र और छोटी मोटी पार्टियां नदी हैँ जो इस में आकर मिलते रहती हैं l

कार्यकर्ताओं में दिखी नाराजगी

कांग्रेसी कार्यकर्ता नंदकिशोर झा ने कहा कि सिर्फ विधानसभा क्षेत्र में जाकर समस्या नहीं देखनी है पार्टी की भी समस्याओं को देखने की जिम्मेदारी विधायकों की होती है lवर्तमान सरकार के क्या-क्या त्रुटियां है इस पर भी ध्यान देना आवश्यक है l 5 लोगों की मंडली बनाया जाए जो पार्टी की सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं को पार्टी के समक्ष रख दें lविपक्ष लोगों को भड़का कर के लोगों को मानसिक रूप से ब्रेनवाश कर रही है और हम ऐसे खिलाफ मुहिम छेड़नी होगी lयुवाओं के समिति बने जिसके अध्यक्ष थे आप लोग को मैं और उसके बाद सभी मुद्दों पर बातचीत हो l

कार्यकर्त्ता कुंदन ठाकुर गोड्डा से आये हुए ने कहा – सरकारी कार्यालयों की छवि बदलनी होगी कार्यशैली बदलनी होगी l गुड्डा के रेडियम से कांग्रेस विधायक कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कहा कि हम लोग तो जेब से कांग्रेस में आए हैं हम लोग अपना दर्द किस से कहें l

पहले भी उठ चुकी है जेबीएम जिंदाबाद के नारों की गूंज

बताते चलें कि एक तरफ जहां प्रदीप यादव अब अपने कट्टर कांग्रेसी होने का दावा करते नजर आते हैं तो दूसरी तरफ उनके पूर्णता कांग्रेस में शामिल होने की राहें अभी भी आसान नजर नहीं आती है क्योंकि जिस तरीके से बंधु तिर्की को कार्यकारी अध्यक्ष का दर्जा दिया गया उसी प्रकार का समान सम्मान प्रदीप यादव को मिलता हुआ नजर नहीं आ रहा है l

ऐसा कहना इसलिए भी गलत नहीं होगा क्योंकि इसके पहले भी जब राज्य के मंत्री आलमगीर आलम गोड्डा पहुंचे थे तो जेवीएम कार्यकर्ताओं ने जेवीएम के झंडे से उनका स्वागत किया था और आज एक बार फिर से कांग्रेसी कार्यकर्ता सम्मेलन में जेवीएम की गूंज सुनाई दी l

अब एक सवाल जो सबसे अहम हो जाता है वह यह है कि क्या कांग्रेस मैं शामिल अलग-अलग दल के नेताओं के आपसी रिश्ते ठीक हैं ? क्योंकि अगर ऐसा है तो फिर वह धरातल पर होता क्यों नहीं नजर आता है और आए दिन जेवीएम वर्सेस कांग्रेस के वर्चस्व की लड़ाई की तस्वीरें सामने क्यों आती है?

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