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आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार।बाबा नगरी आते ही बदल गई ज़िन्दगी

टोटो के एस्क्लेटर पर हाथ फेरती इस महिला का नाम सुष्मी हैम्बम हैं।सुष्मी का ऑटो चलाना ना सिर्फ उसकी मजबूरी हैं बल्कि सुष्मी ऑटो खुद के पति के सहायता के लिए भी चलाती हैं।
दरअसल सुष्मी बिहार के बांका जिले की रहने वाली हैं।सुष्मी एक आदिवासी परिवार से आती हैं। सुष्मी और उसके पति बताते हैं कि जब वह गांव में रहा करते थे तो हर कोई कहा करता था कि यह परिवार जीवन में कभी कुछ नहीं कर पाएगा जिसके बाद जंगलों के बीच बसे गांव को छोड़कर दोनों दंपत्ति देवघर आ गए। सुषमि के पति बताते हैं कि दोनों ने मिलकर कमाई करने की ठानी कोई दिन को टोटो चलाएगा तो कोई रात को और इस जिम्मेदारी के साथ दोनों अपने तीनों बच्चे को मिशन स्कूल में पढ़ाने लग गए।

सुष्मी बताती है कि सुबह के वक्त वह टोटो चलाती है और रात को पति चलाते हैं।जिसके बाद दोनों का जीवन अब अच्छा खासा बीत रहा है।उन दोनों के साथ उनके 3 बच्चे भी हैं जिसे अच्छी शिक्षा दी जा रही हैं।
सुषमि न सिर्फ अपने परिवार के लिए बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा स्रोत है और एक उदाहरण के तौर पर है कि महिलाएं कहीं भी पीछे नहीं है। महिलाएं पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। और यह भी उदाहरण पेश कर रही है की एक दंपत्ति जीवन के गाड़ी का 2 पहिया हैं जो साथ साथ चल परिवार को चलाता हैं।
इतना ही नहीं सुष्मी की चर्चा इन दिनों देवघर में जमकर हो रही है और वह देवघर की पहली महिला ऑटो चालक बनी है।

अपने दुख के दिनों को याद करते हुए सुषकी के पति सिसक पड़ते हैं वह कहते हैं कि एक वक्त था जब उनके घर समाज में कहा जाता था कि यह परिवार कुछ नहीं करेगा।पर देवघर आने के बाद जीवन सुधर गया।अब परिवार के तीन बच्चे पढ़ भी रहे हैं।वदन पर अच्छे कपड़े भी हैं और जिंदगी भी खुशहाल है।

Aman Kumar Jha

Founder & CEO 👉 ( Namaste Media ) Digitel Marketer | Young Entrepreneur | Web Developer | Blogger | Content Creator

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