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President Election 2022: कौन बनेगा देश का अगला राष्ट्रपति, शीर्ष पद के लिए आज होगा चुनाव

President Election 2022: राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कर 18 जुलाई को वोटिंग होगी। वहीं 21 जुलाई को काउंटिंग होगी। वोटिंग राज्यों के विधानसभा और संसद भवन में होगी। सांसदों के लिए संसद भवन के प्रथम तल पर कमरा नं- 63 में वोटिंग के लिए बूथ बनाए गए हैं जिनमें से एक बूथ फिजिकल चैलेंज्ड के लिए है। इसके लिए सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। बता दें कि वोटिंग बैलेट पेपर से की जाएगी। सांसदों को बैलट पेपर पर राष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम के आगे अपनी वरीयता दर्ज करना होगा। वोटिंग की गोपनीयता को बरकरार रखने के लिए बैलेट पेपर सीरियल नंबर की बजाए रैंडम तरीके से दिए जाएंगे। राष्ट्रपति चुनाव में 9 विधायक संसद भवन में करेंगे वोटिंग जबकि लगभग 42 सांसद विभिन्न राज्यों के विधानसभा में वोटिंग करेंगे।

दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन की तस्वीर (फाइल फोटो)

संसद में वोट करने वाले विधायकों की संख्या

UP से 4 MLA

असम से 1 MLA

हरियाणा से 1 MLA

उड़ीसा से 1 MLA

त्रिपुरा से 2 MLA

NDA उम्मीदवार के समर्थन ये पार्टियां शामिल

भाजपा ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए द्रौपदी मुर्मू को अपना उम्मीदवार बनाया है। मुर्मू के समर्थन में जेडीयू, हम, लोजपा, अकाली दल, बसपा, तेदेपा, वाईएसआरसीपी, बीजद, शिवसेना और झामूमो हैं। महाराष्ट्र में सत्ता बदलने के बाद शिवसेना के सांसदों की जिद्द के आगे उद्धव ठाकरे को आखिर में झुकना पड़ा और उद्धव ने दौ्रपदी मुर्मू को अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया। झामूमो भी धर्म संकट में फंसी हुई थी कि वह देश की होने वाली पहली आदिवासी महिला को समर्थन दे या विपक्ष के साथ अपना गठबंधन धर्म निभाए। बाद में झामूमो के तरफ से भी यह बिल्कुल साफ हो गया कि पार्टी राष्ट्रपति के चुनाव में द्रौपदी मुर्मू को ही अपना समर्थन देगी। कुल मिलाकर चुनाव में NDA उम्मीदवार का पलड़ा भारी है।

विपक्ष उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की दावेदारी कितनी मजबूत

विपक्ष की तरफ से राष्ट्रपति चुनाव में यशवंत सिन्हा को मैदान में उतारा गया है। लेकिन कुछ विपक्षी दल का साथ नहीं मिलने से उनकी स्थिति थोड़ी कमजोर दिखाई पड़ रही है। मुख्य रुप से उनके समर्थन में कांग्रेस, सपा, राजद, एनसीपी, टीएमसी, द्रमुक, टीआरएस, आप और वामदल है। यशवंत सिन्हा की दावेदारी को लेकर यह कहा जा सकता है कि उनकी जीत एक बहुत बड़ा उलटफेर साबित हो सकता है।

कैसे होता है राष्ट्रपति का चुनाव

राष्ट्रपति चुनाव में जनता की सीधी भागीदारी नहीं होती है बल्कि जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले यानी सांसद और विधायक वोटिंग करते हैं। इन सांसदों और विधायकों में भी जो मनोनित सांसद या विधायक हैं वे मतदान नहीं कर सकते, क्योंकि वे सीधे जनता द्वारा चुनकर सदन में नहीं आते है।

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