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वैलेंटाइन पर ये प्रेम कहानी। ।।मरहम।।

।।मरहम।।

अब ट्रेन की रफतार धीमी हो रही थी।शायद आगे कोई स्टेशन होगा,हाँ आउटर भी झलक रहा हैं लगता हैं कोई बड़के स्टेशन हैं।गाड़ी रुकती हैं “बख्तियारपुर स्टेशन”।
इतने में आवाज आती हैं hello ये सीट no 24 हैं ना…
हाँ जी mam काहे।
जी ये सीट मेरी हैं।
कौनहो बात नहीं हैं हम खड़ा हो जाते हैं आप बैठिये जब पूरा पैसा दिए हैं समय रहते टिकट लिए हैं तो हम कैसे जबरदस्ती कर सकते हैं, उ तो हम भगलपुरे में देख लिए थे गेट के बाहर पर्ची में कि 24 no सीट बख्तियारपुर से बुक हैं सुनिधि तिवारी के नाम से,तो फिर हम होते कौन हैं आपसे जबरदस्ती करने वाले।बाकी एक ठो रिक्वेस्ट हैं जरा टा ई झोला सीट के नीचे रख ले,अगर आपकी इजाजत हो तो।काहे की इधर उधर रखेंगे तो मूंगफली बेचने वाला इतना खुचेगा ना बैग को की… पता नहीं रूम तक पहुँच पाएगा भी की नहीं।और इसमें पपा दु पैकेट बिस्कुटो रख दिये हैं वोहो सब चूर हो जाएगा,बाकी मेरा क्या है हम तो कोन्हों कोना पकड़ेंगे 4 घंटा का रास्ता हैं,पटना पहुँचिये जाएँगे…..

“Hello मिस्टर…” इस मरतबा आवाज में प्रेम कम तीख ज्यादा थी।
हमने आपको मना तो नही किया सीट पर बैठने से या सामान रखने से,फिर इतनी लंबी चौड़ी कहानी क्यों रच रहे हों।नीचे काफी जगह हैं आप कहीं भी अपना सामान रख सकते हैं वैसे भी मैंने सीट बुक किया हैं सीट के नीचे का space नहीं। और ज़ोरदार ठहाका लगाती हैं।
गुस्से और प्रेम के मिश्रण वाले वाक्य में मैं गुस्से को दरकिनार करते हुए प्रेम छाकते हुए 5’3″ वाली मैडम से आदेश लेता हूँ “तो बैठ जाए हम जरा सा इधर,वैसे भी 2 ठो खिड़की हैं”।।।।
side lower में लेकिन ये फायदा हैं पैसा 1 सीट का दिजीये और खिड़की 2 ठो लीजये।
चलिए सीट तो मिल गया बाकी आपका टिकट कहाँ तक का हैं कहीं ऐसा ना हो कि 2…4 स्टेशन जाने के बाद हमको उठना पड़ जाए।इसी लिए हम बैठ नही रहे थे कि एक बार निश्चिन्त हो गए तो भर रास्ता निश्चिन्ता चाहिए।
Mam ने मुस्कुराते हुए कहाँ मैं राजेंद्रनगर टर्मिनल तक जाऊंगी तब तक के लिए आप निश्चिन्त रहिये।और मुस्कुराते हुए mam ने अपने पिट्ठू बैग से एक नावेल निकाला can love happen twice…पुस्तक देखते हैं मेरे मुँह से अनायाश निकल गया ई किताब आपके पास भी हैं।


मैडम ने चश्मा के नीचे से मुझे देखते हुए कहाँ
हाँ क्यों मेरे पास नहीं हो सकता क्या।
नहीं मतलब हम वो नही बोले मेरे कहने का मतलब था कि ये किताब लड़कियों को अधिक पसन्द हैं शायद।हमको भी मेरी गर्लफ्रैंड की बहन गिफ्ट की थीं।बाकी इसका कहानी बहुत रोचक हैं लेकिन।
आपकी कहानी खत्म हो गई हो तो मैं इस बुक को पढ़ लू अब।जगह मिल गई हैं बैठिये जब से आए हैं मुँह तो चुप ही नहीं है आपका।
अच्छा जी sorry आप disturb हो गए।
“झा जी आपका लेकिन तकदीर बड़ा बढ़िया है चौड़े में सीट मिल गया आपको अब आनंद लेते हुए पहुँचिये पटना तक”
बगल मै बैठे राहगीर मित्र ने कहाँ जिसने ट्रैन पे चढ़ने वक़्त भागलपुर में ही मित्रता हुई थीं।
आइए……….चनाचूर गरम……..चनाचूर गरम
ऐई……..फोफी ले लो फोफी………
ऐई खराब चाय खराब चाय….
आइए भैया 1 कप चाय दिजीये तो…ऊपर सीट वाले भाई साहब ने चाय वाले से निवेदन किया।
ओह्ह मतलब क्या तमासा हैं यार चाय बेचो तुम पिये ऊपर वाला और जला हमको दिए खा मखा।ओह्ह..सससससस…
ये लीजये झा जी☺️ ये लगा लीजये vetnovate-c मरहम लगा लीजये जलन कम होगा।

धन्यवाद तिवारी जी,वही हमको लगा कि आप गुस्सा गए हैं तो हम टोकने बन्द कर दिए हैं बख्तियारपुर से फतहुवा आ गए चुप चाप बैठे और आपसे पुछबो नही किये की आप करते क्या है।
Actually मैं पटना a.n collage se bsc कर रही हूँ।लास्ट ईयर है हमारा बाकी साइड से govt जॉब की प्रिपरेशन भी कर रही हूँ।
अच्छा अनुग्रह नारायण कॉलेज में हैं आप।हम तो रोजे भोरे जाते हैं वहाँ क्रिकेट खेलने कहाँ देखे आपको कभी।
आप जाते होंगे खेलने लेकिन मैं आपको देखने तो रोज कॉलेज जाती नहीं जो आपको दिख जाऊ।वैसे भी हमारी क्लास
क्लास रूम में होती हैं ना कि फील्ड में।
वैसे आप पटना में क्या करते हैं बहुत मांझा हुआ खिलाड़ी लगते हैं आप पटना के🙄
ले लीजये चुस्की सुनिधि जी आप भी मांझा हुआ क्या रहैंगे लीजये ऐ सत्तू पूड़ी मम्मी बना के दी हैं चखिये देखिये कैसा है, फिर बताते हैं हम की क्या करते हैं पटना में।
देखिये हमारा जाती भी आपका वाला ही हैं तिवारी जी।
क्या झा जी आप भी जात पात पे उतर गए वो तो हमको पता ही है।
धत्त महाराज तब ना कहता हैं कि लड़की को बुद्धि कम होता हैं, यही सब तो कारण हैं कि हमको लड़की से नही पटता हैं।मतलब भावनाओ को समझवे नही करती हैं।हम वो जात का थोड़े बात कर रहे हैं जी हम तो ये बोले कि आप भी लास्ट ईयर में हैं और हम भी आप भी तैयारी करते हैं और हम भी।
अच्छा मतलब आप भी वहाँ तैयारी करते हों।
बाकी आपने ये क्यों कहाँ की आपकी लड़कियों से नहीं पटती,नही पटती तो gf कैसे है आपकी ।
पहली बात तो ये तिवारी जी की gf हैं नही थीं और दूसरी बात ये की हम इस मैटर पे चर्च नही करना चाहते। बाकी पटना सिटी आ गया हैं 10 min में राजेंद्रनगर आ जाएगा उतारने का तैयारी किजये।बहुत बहुत धन्यवाद सीट देने के लिए।
बाकी मरहम भी याद रहेगा।

 

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